जो दिया था तुम्हे खुदा ने,
वो तुम्हारी तकदीर थी,
जो तुम पाना चाहते हो,
वो तो अभी ख्वाब है...
बोला मिर्जा, साहेबा से,
आज तुमने बेवफाई की,
वफा करोगे अगले जन्म में,
वो तो अभी ख्वाब है...
सफर आधा कट चुका,
सफर आधा बाकी है,
कोई अब साथ चलेगा,
वो तो अभी ख्वाब है...
जो शब्द मेरे मौन है,
वो मौन रहेंगे शायद सदा,
उन शब्दों को कोई सुनना चाहेगा,
वो तो अभी ख्वाब है...
चाहत है दिल में यही,
आता रहूं मैं काम सब के,
ये जीवन किसी के काम आयेगा,
वो तो अभी ख्वाब है...
आता रहूं मैं काम सब के,
ये जीवन किसी के काम आयेगा,
वो तो अभी ख्वाब है...