गति तीव्र है, लक्ष्य है भारत, कर रहा है सभ्यता को धुंधला,
न बच पायेगा कोई भी इससे, ये पश्चिमी तुफान है।
हम भूल रहे हैं वेद पुराण, न दे रहे हैं वृद्धों को संमान,
न रह गया है कोई रिश्ता पावन, ये पश्चिमी तुफान है।
भूल गये हम अपनी भाषा, रहन सहन और खान पान भी,
नग्न तन को कहते हैं फैशन, ये पश्चिमी तुफान है।
क्या जानेंगे बच्चे मर्यादाएं, क्या देंगे हम उनको सुसंस्कार,
टीवी, इंटरनैट गुरूकुल है उनका, ये पश्चिमी तुफान है।
दिवाली की जगह वैलेनटाइन्स डे, दीपक की जगह कृत्रिम लड़ियां,
बच्चों से नहीं कुत्तों से प्यार है, ये पश्चिमी तुफान है।
उगता है सूरज पूरव से, होता है पश्चिम में अस्त,
प्रकाश यहां, अन्धकार वहां है, ये पश्चिमी तुफान है।
आवाहन कर रही है संस्कृति, रोको इस तुफान की गति,
वापिस लाओ गौरव मयी अतीत, ये पश्चिमी तुफान है।