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बुधवार, अक्टूबर 19, 2016

फिर क्यों होगा तलाक...

जो  बच्चे,
 मां के साथ हैं,
पापा को ढूंढ़ते हैं,
जिन के पास, केवल  पापा हैं,
वो तरसते हैं,
मां की ममता को...
बच्चों को
आवश्यक्ता होती है,
दोनों के प्रेम की,
दोनों में से,
एक का न होना,
बच्चे का सबसे बड़ा दुर्भाग्य होता है...
जो माता-पिता,
तलाक के लिये,
कतार में खड़ें है,
वे अपने बच्चों की,
जीवन की सबसे बड़ी,
आवश्यक्ता छीन रहे हैं...
नहीं त्याग सकते,
दोनों अपने अहम   को,
अहम बच्चों से बड़ा है क्या?
विवाह  फेरों को समझो,
 आपस में विश्वास रखो,
    फिर क्यों होगा तलाक...


मंगलवार, जुलाई 07, 2015

हो गया तलाक।

विवाह के
सातों फेरों में
पत्नि अपने
होने वाले पति से
एक के बाद एक
मांगती है वचन।

पती  भी
सहर्ष
बिना अर्थ जाने बिना
दे देता है
सात वचन
एक अभिनेता की तरह।


अदालत से
कागज के कुछ टुकड़े
प्राप्त कर
घर आया
कहा सबने
हो गया तलाक।

पर ये मासूम
जो नहीं जानते
तलाक का अर्थ भी
उन्हे समझाने के लिये
ये कागज के टुकड़े भी
काफी नहीं है।

सोचता रहा
उस रात मैं
कैसे हुआ
आज ये सब
कहां गये
वो कसमे वादे।

विश्वासघात से
ढै  गयी  है
विवाह की
पावन इमारत
जिसके पत्थर
बिखरे हैं इधर-उधर।

तलाक के कागज पर
हस्ताक्षर करना
फांसी के फंदे
 से भी अधिक
पीड़ा दायक होता है
बस    आदमी मरता नहीं है।