सोमवार, अप्रैल 16, 2018

यहां तो हर घटना को राजनीति रंग में रंगा जाता है.....

ये भीख मांग रहे बच्चे,
किस धर्म के हैं?
इनकी जात क्या है?
न हिंदू को इस से मतलब,
न मुस्लमान को.......
कारखानों या ढाबों  पर,
काम कर रहे बच्चों से
नहीं पूछते उनका मजहब।
कोई नहीं पहचानता,
ये उनकी जात, मजहब के  हैं....
जब एक बेटी का
जबरन बाल-विवाह होता है,
साथ देते हैं सब,
जात-मजहब के लोग,
नहीं करता कोई भी विरोध इसका.....
पर रेप या हत्या के बाद
पहचान लेते हैं सब
पिड़ित या निरजीव शव को
ये हमारे मजहब का था,
मारने वाले दूसरे मजहब के......
निरभया का नाम छुपाया गया,
गुड़िया का नाम भी दबाया गया,
देदेते आसिफा को भी कोई और नाम।
वो केवल मासूम बेटी थी,
क्यों बताया गया उसका मजहब क्या था....
काश हर मजहब के लोग,
अपने मजहब को समझ पाते,
न रेप होता, न हत्या।
यहां तो  हर घटना को
राजनीति रंग में रंगा जाता है.....

11 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (17-04-2017) को ""चुनाव हरेक के बस की बात नहीं" (चर्चा अंक-2943) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन एयर मार्शल अर्जन सिंह जी और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  3. जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना शुक्रवार २० अप्रैल २०१८ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

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  4. वाह!!! बहुत खूब ... नमन आप की लेखनी को।

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह!!सुंंदर और सटीक ।

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह!!सुंंदर और सटीक ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. सुंदर, बिल्कुल सामयिक और सटीक रचना. 👏 👏

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर एवं सटीक प्रस्तुति..।

    उत्तर देंहटाएं
  9. कटु सत्‍य कह डाला आपने रचना के माध्यम से

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  10. निमंत्रण

    विशेष : 'सोमवार' २१ मई २०१८ को 'लोकतंत्र' संवाद मंच अपने साप्ताहिक सोमवारीय अंक के लेखक परिचय श्रृंखला में आपका परिचय आदरणीय गोपेश मोहन जैसवाल जी से करवाने जा रहा है। अतः 'लोकतंत्र' संवाद मंच आप सभी का स्वागत करता है। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/



    टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

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