सोमवार, अक्तूबर 20, 2014

तो हम कह सकेंगे कि नशा जहर है...

कौन कहता है
नशा जहर है,
जहर मारता है केवल  एक बार,
नशे से मरते हैं बार बार...

जहर  को पीकर,
मरते हैं केवल खुद,
नशा लेने वाला,
मारता हैं औरों को भी...

जहर पीना तो शायद,
किसी की मजबूरी भी  हो सकती है,
पर नशा करना तो,
केवल आदत है...

किसी का प्रिय  मित्र
 कभी भी जहर पीने को नहीं देता,
पर खुशी खुशी से,
नशा करने को कह सकता है...

हमारी अपनी नादानी देखो,
 हम जहर  को तो  बच्चों से दूर रख देते हैं,
  पर सिगरेट या शराब को
टेबल पर सजाते हैं...

जहर की तरह अगर हम और सरकार,
        इन नशिले पदार्थों को बिकने से रोकें,
बच्चों को ये देखने को भी न मिलें,
तो बचा सकते हैं हम  आने वाले कल को...

जब जहर की तरह नशे से भी,
भयभीत होगा हमारा समाज,
नशे को भी आत्महत्या माना जाएगा,
तो हम कह सकेंगे  कि  नशा जहर है...

6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना बुधवार 22 अक्टूबर 2014 को लिंक की जाएगी........... http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति मंगलवार के - चर्चा मंच पर ।।

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  3. नशा एक अभिशाप है ... समाज को मुक्ति शिक्षा और जागरूकता से ही मिलने वाली है ...
    आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें ...

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  4. Bilkul nasha jehar hai.... Isse door hi rahna chahiye...umda prastuti...dhanteras va deepawali ki shubhkamnaayein aapko ,,

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