गुरुवार, नवंबर 19, 2015

जिंदगी की किताब...

हर जिंदगी
भी शायद
किसी लेखक की
लिखी हुई
किताब होती है...
पर हम
नहीं जान पाते
अपनी किताब के
लेखक को
न पढ़ पाते अगले पन्ने...
कहते हैं
रामायण भी
श्री राम जन्म से
कयी हजार वर्ष पूर्व
लिखी गयी थी...
वो ईश्वर थे
इस लिये शायद
हम जान पाये
उनकी जिंदगी की
किताब के लेखक को...

8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (20.11.2015) को "आतंकवाद मानव सम्यता के लिए कलंक"(चर्चा अंक-2166) पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ, सादर...!

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  2. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 20 नवम्बबर 2015 को लिंक की जाएगी............... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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  3. ​​​​सुन्दर रचना ..........बधाई |
    ​​​​​​​​आप सभी का स्वागत है मेरे इस #ब्लॉग #हिन्दी #कविता #मंच के नये #पोस्ट #चलोसियासतकरआये पर | ब्लॉग पर आये और अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें |

    http://hindikavitamanch.blogspot.in/2015/11/chalo-siyasat-kar-aaye.html​​

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  4. अपनी जिंदगी की किताब लिखना-पढ़ना दोनों कतई आसान नहीं है ...
    बहुत सुन्दर ..

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  5. एक किताब ही तो हैं ज़िन्दगी जिसे सब अपने ढंग से व्याख्यायित करते हैं.

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  6. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" गुरुवार, कल 31 दिसंबर 2015 को में शामिल किया गया है।
    http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप सादर आमत्रित है ......धन्यवाद !

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  7. Anupam bhav avm prastuti......
    Nav varsh ki anant shubhkamnayen

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ये मेरे लिये सौभाग्य की बात है कि आप मेरे ब्लौग पर आये, मेरी ये रचना पढ़ी, रचना के बारे में अपनी टिप्पणी अवश्य दर्ज करें...
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