सोमवार, मार्च 04, 2013

कोई ऐसा गीत सुना दे।



कोकिला तु आज मुझे कोई ऐसा गीत सुनादे।
जो अतर्मन  में बस जाए, बीते  दिनों की याद भुलादे।

जो लिखा हो गीत मेरे लिए, हर शब्द हो जिस में प्रेम का,
वफा की महक हो जिसमे, मौन अधरों को हंसा दे।

किसी गीतकार के पास जाना, मेरे गमों की दास्ता सुनाना,
पवन से शीतलता ले जाना, जो सुंदर गीत बना दे।

प्रथम सुंदर उपवन  में जाना, वहां से प्रेम के पुष्प  लाना,
उन्हे इस चमन में लगाना,  मेरा उजड़ा चमन महका दे।

फिर यमुना तड पे जाना, श्याम की बंसी सुनकर आना,
वो प्यारी धुन मेरे कानों को भी  सुनाना, जो मेरी रुह को महकादे।


गीत इस मस्ति में गाना, जीवन में नए रंग भर दे।
इस टूटे दिल में फिर से, प्ेम की शीतल  गंगा बहादे।

3 टिप्‍पणियां:

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