गुरुवार, अक्तूबर 22, 2015

पावन चरित्र सीता का...

श्री राम
सामान्य पुरूष नहीं
मर्यादा पुरुषोत्तम
आदर्श राजा थे...
ईश्वर थे
भले ही राम
पर सीता   के बिना
 पूर्ण  नहीं थे...
सुख में भी
वो  साथ   रही
दुख  में भी
साथ दिया...
महलों में रही
या वनों में
पालन किया
पतिव्रत धर्म  का...
अगर न होती
अग्नि परीक्षा
 शंका के बादल
बार-बार घिर आते...
आदर्श राजा
कहलाते कैसे
रघु-कुल की रीत
बचाते कैसे...
अग्नि परीक्षा
ने दिखाया  जग को
पावन चरित्र
 सीता का...  
न छुह सका रावण
न जला सकी अग्नि
देकर अग्नी  परीक्षा
सर्वश्रेष्ठ,   बनी...
श्री राम ने
नारी का
सदा ही
 संमान किया......
राम को जानो
 सीता  को पहचानो
राजा के धर्म को 
अन्याय न कहो...


6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (23.10.2015) को "शुभ संकल्प"(चर्चा अंक-2138) पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।
    विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ, सादर...!

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  2. बहुत सुंदर .विजयादशमी की शुभकामनाएं !
    नई पोस्ट : बीते न रैन

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  3. बहुत सुंदर रचना
    बधाई

    उत्तर देंहटाएं

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